Tuesday, January 27, 2009

स्वरचित गज़ले

स्वरचित गज़लें पेश हैं ...............................
खाब्ब चुरा लाये
एक दिन हम उनके खाब्ब चुरा लाये
जितने सवाल थे उनके जबाब बता
आए पूछा था उन्होंने के किंतनी चाहत हैं मुझसे
निशानी आसमा की उन्हें दिखा आए
साथ मेरा कभी न छोड़ना बीच मझधार में
सात जन्मो का साथ हैं मेरा वडा दिला आए
धीमी सी बरसात
धीमी धीमी सी कुछ बरसात हैं
उसपे नशीला एक तेरा साथ हैं
होश खो बैठा हु दिलबर
फूलों सा कोमल तेरा हाथ
तेरा साथ तो दो पल का ही था
लेकिन बेसुद मेरी शामो रात हैं
फिर उठी तेरी खयालो की लहरे
जेसे सागर के दिल में नदी का साथ हें
क्या तुम कभी मेरी बन पाओगी
मेरी तन्हा रातो के यही सवालात हैं
क्यू लग रहे हैं सब बेफिजूल
क्या सवालात हैं क्या जवाबात हें
दो घड़ी के लिए सोचो मेरी जानिब भी
क्या तुम से जुदा मेरे हालात
हैं
दिल की बात
दिल की बात कहनी हैं तुम से
केसे कहू कह नही जाता
क्या बिन कह ही तुम समझ लोगी
मुझे तुम बिन रहा नही जाता
बीच राह में मुझे छोड़कर
कहीं और चली तो न जाओगी
इतना फासला तय करने के बाद
तेरा दामन हाथ से छोड़ा नही जाता
पागल दीवाना आशिक मजनू
क्या क्या न जाने कहने लगा हैं जमाना
जुदाई में तेरे मेरे दिल ऐ बेकरार
ये सब तेरी कसम अब सुना नही जाता
जिन्दगी गम की सौगात के सिवा कुछ भी नहीं।
जिंदगी गम की सौगात के सिवा कुछ भी नहीं
जिंदगी सख्त इम्तिहान के सिवा कुछ भी नहीं
जितने भी दिन हैं जी ले खुश होकर ऐ गुमे दिल
जिंदगी चार पल की मेहमान के सिवा कुछ भी नहीं
कैसी खामोशी छाई हैं इस नामुराद शहर में
जंहा भी देखो टूटे मकान के सिवा कुछ भी नहीं
तुम आ जाओगे तो सजा ले अपना आशियाना भी
दिल में बिखरे अरमान के सिवा कुछ भी नहीं
कैसी बस्ती हैं ये यंहा कैसे लोग रहते हैं
डरता हूँ मैं यंहा तो हौवान के सिवा कुछ भी नहीं
सवाल ये हैं आदमी हैं कौन क्या हैं आदमी
आदमी चलती फिरती जिंदा लाश के सिवा कुछ भी
लगता हैं जिंदगी खत्म हुई इस मोड़ पर आकर
यंहा से देखो श्मशान के सिवा कुछ भी नहीं

दिल की चाहत
दिल की चाहत क्या थी शायद मालुम नही
खफा थे वो या जिंदगी थी शायद मालूम नही
मुशिबतों की धूप थी मेरी जिंदगी की रहो में,
कहीं प्यार की छांव थी शायद मालूम नही
दिखाई देती हैं आईने में जाने कौन सी सूरत
आपनी सूरत कैसी थी शायद मालूम नही
अब तो एक ही उम्मीद हैं बाकी ऐ मेरे खुदा
उम्मीदे राहे तेरी थी शायद मालूम नही

1 comment:

karishma said...

like 2 read more...........plz